भगत सिंह – 3 – क्रांतिकारियों के रेखाचित्र

150.00

चमन लाल

क्रांतिकारी स्वाधीनता सेनानी शहीद भगत सिंह का नाम भारतीय आज़ादी के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। भारतीय जनमानस में उनकी छवि एक लोकप्रिय युवा नेता के रूप में अंकित है। अपने आठ वर्ष के छोटे से राजनीतिक-सामाजिक जीवन में भगत सिंह की बौद्धिक- वैचारिक सक्रियता अभूतपूर्व रही । हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेज़ी में उनका लेखन उनकी अपूर्व बौद्धिक प्रतिभा और व्यापक अध्ययनवृत्ति का परिचायक है। भगत सिंह के सुहृद अध्येता एवं शोधकर्ता प्रोफेसर चमन लाल ने बड़े ही परिश्रम से उनके लेखन को एकत्र एवं संपादित कर हिंदी पाठकों को उपलब्ध कराया है।

भगत सिंह का यह लेखन ‘ प्रकाशन विभाग’ और ‘ सस्ता साहित्य मण्डल प्रकाशन ‘ की संयुक्त प्रकाशन योजना के अंतर्गत चार खंडों में प्रकाशित किया जा रहा है।

पहले खंड में भगत सिंह के पत्र, तार, पर्चे और अदालती बयान संकलित हैं।

दूसरे खंड में विभिन्‍न पत्र-पत्रिकाओं में छपे भगत सिंह के लेख शामिल किए गए हैं।

तीसरे खंड में क्रांतिकारियों के रेखाचित्र शामिल किए गए हैं।

चौथे खंड में भगत सिंह की जेल नोटबुक है जिसमें 1929-31 के दौरान जेल में पढ़ी गई पुस्तकों से लिए गए नोट्स और उद्धरणों का हिंदी अनुवाद है। इसके साथ ही क्रांतिकारी डॉन ब्रीन की आत्मकथा का भगत सिंह द्वारा किया गया अनुवाद भी इस खंड में प्रस्तुत है।

क्रांतिकारी के वैयक्तिक, राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक जीवन के अंतरंगता को उद्घाटित करते ये दस्तावेज़ स्वाधीनता संग्राम का दहकता इतिहास है जिसे पढ़ना और जानना आज के पाठक की बुनियादी ज़रूरत है ताकि वह अपनी जड़ों से, अपनी परंपरा से जुड़ सके और अपने वर्तमान के ज्वलंत प्रश्नों के समाधान में उससे सहायता पा सके।

ये चारों खंड एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं और संबद्ध भी | इन्हें अलग-अलग पुस्तक के रूप में भी पढ़ा जा सकता है और सिलसिलेवार संबद्ध दस्तावेज़ों के रूप में भी । ‘भगत सिंह : अद्वितीय व्यक्तित्व ‘ शीर्षक संपादक की भूमिका प्रथम खंड में दी गई है। आशा है हिंदी पाठक समाज में इनका भरपूर स्वागत होगा।

BHAGAT SINGH KRANTIKARIYO KE REKHACHITRA : KHAND-3

पृष्ठ 146  रु150

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