इन्कलाब – जीवनी शहीदे आज़म स. भगत सिंह

140.00

डा० तेजेंद्र विरली

इन्कलाब
जीवनी शहीदे आज़म स. भगत सिंह

आजादी के शहीदों में से सब से बढ़ कर जिस शहीद को लोग पूजते हैं वह है शहीदे आम भगत सिंह । उन की रचनाओं का गहन अध्ययन हो रहा है क्योंकि आदी के 66वर्षों बाद भी लोगों को सुख की साँस नहीं आई । आज विश्वीकरण की लोग मारू नीतियों पर चल रही भारत की सरकार भारत की आधी-पौनी आजादी को भी बहुराष्ट्रीय  कम्पनीयों के पास गिरवी रखना चाहती हैं | आज की स्थिति में शहीद भगत सिंह के यह बोल नौजवानों ने अपनी तरफ खींच रहे हैं । उन्होंने कहा था, ‘ “हम अभी यह ऐलान करते हैं कि एक युद्ध चल रहा है और यह तब तक चलता रहेगा जब तक कुछ ताकतवर लोग भारत के कुदरती साधनों को लूटते रहेंगे।यह लुटेरे चाहे निरोल अंग्रेज सरमायेदार हों या
निरोल भारतीय या दोनों |

आज भगत सिंह की रचनाओं को और उन के जीवन का अध्ययन विशेषण इसी दृष्टी से होने लग पड़ा है । इसी प्रसंग में लिखी डा० तेजेंद्र विरली की पुस्तक इन्कलाब जो पंजाबी में कई बार प्रकाशित हो चुकी है । पाठकों की माँग को देखते हुए हिन्दी अनुवाद में छाप रहे हैं ताकि लोग अपने असली नायक की केवल पूजा ही न करें बल्कि उसको  समझें ।

–  अमित मित्र

अनुवादिका – मेजर डा० प्रेम कुमारी शर्मा 

Tarksheel / Tarkshil 

कीमत रु 140

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Inqilab – Jeevani Shahide Azam Bhagat Singh

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